आँचल समझकर: 12 Sep 2019. September 12, 2019 आँखों में रख लो, काजल समझकर, दिल में रख लो, पागल समझकर, बस अब और क्या, चाहिए मुझे, भर दो इश्क़ से, आँचल समझकर । Read more
अक्सर: 13 Sep 2019 September 12, 2019 अक्सर गुमशुदा चेहरों पर मुस्कान रहती है, जान में जान नहीं हथेली पर जान रहती है। Read more
🌹 बिछड़न🌹 July 27, 2019 आसमाँ की सारी हसरतें लिए उड़ता हूँ, जब जाते वक़्त तुझे देखने को मुड़ता हूँ, हाय, तू पलटने पर मेरे क्या मुस्काती है, इसी पल की उम्मीद पर तो बिछड़ता हूँ। Sahil Bhatia. Read more